भारत के गवर्नर जनरल (लॉर्ड कैनिंग ,लॉर्ड एल्गिन ,लॉर्ड रिपन,लॉर्ड लिटन)

Aug 17, 2025 - 14:15
 0  3226

लॉर्ड कैनिंग (Lord Canning) कार्यकाल: 1856 – 1862

भारत के अंतिम गवर्नर जनरल और प्रथम वायसराय थे। He was the last Governor General and first Viceroy of India.

मुख्य कार्य और घटनाएँ:

1857 की विद्रोह / स्वतंत्रता संग्राम (First War of Independence):

जब भारत में 1857 की क्रांति हुई, तब लॉर्ड कैनिंग ही गवर्नर जनरल थे।

उन्होंने इस विद्रोह को दबाने में बड़ी भूमिका निभाई।

विद्रोह के बाद उन्होंने नीति अपनाई – "नरमी की नीति" (Policy of Clemency), जिस कारण उन्हें "Clemency Canning" भी कहा गया।

भारत सरकार अधिनियम 1858 (Government of India Act 1858):

इस अधिनियम के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हुआ।

भारत अब सीधे ब्रिटिश सरकार (क्राउन) के अधीन आ गया।

लॉर्ड कैनिंग को भारत का पहला वायसराय (Viceroy) बनाया गया।

शैक्षणिक सुधार:

कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना 1857 में हुई।

भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code – IPC):

1860 में IPC लागू की गई, जो आज भी भारत में इस्तेमाल होती है।

सिविल सर्विसेज सुधार और न्याय प्रणाली में बदलाव:

न्याय और प्रशासन में पारदर्शिता लाने की कोशिश की गई।

 

महत्वपूर्ण तथ्य:

लॉर्ड कैनिंग का नाम 1857 के बाद के राजनैतिक बदलावों के कारण हमेशा याद रखा जाता है।

उन्होंने विद्रोह के बाद भी भारतीयों के प्रति कठोर दृष्टिकोण न रखकर शांतिपूर्ण प्रशासन की कोशिश की।

Lord Elgin (लॉर्ड एल्गिन) कार्यकाल (Tenure): 1862 – 1863

भारत के दूसरे वायसराय (Second Viceroy of India)

मुख्य कार्य (Major Contributions):

शांति और स्थायित्व बनाए रखना Maintained peace and stability after the Revolt of 1857.

1857 की क्रांति के बाद भारत में शांति और स्थायित्व बनाए रखने का कार्य किया। सीमांत नीति में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया

No major change in frontier policy. सीमांत क्षेत्रों के प्रति "अक्रिय नीति" (Policy of Non-Intervention) जारी रखी।

ग्रीष्मकालीन राजधानी - शिमला Shimla was chosen as the summer capital. शिमला को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित किया गया। भारत में ही निधन (Death in India) He died in office in 1863 at Dharamshala, Himachal Pradesh. 1863 में कार्यकाल के दौरान ही धर्मशाला में उनका निधन हो गया।

 

Lord Lawrence (लॉर्ड लॉरेंस)- कार्यकाल (Tenure): 1864 – 1869

भारत के तीसरे वायसराय (Third Viceroy of India)

मुख्य कार्य (Major Contributions):

High Courts की स्थापना (Establishment of High Courts) 1865 में कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में उच्च न्यायालयों की स्थापना की गई।

High Courts were established at Calcutta, Bombay, and Madras in 1865.

"Masterly Inactivity" नीति अफगानिस्तान के मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति अपनाई।

He followed the policy of "Masterly Inactivity" towards Afghanistan to avoid conflict.

अकाल राहत नीति (Famine Relief Policy) उन्होंने अकाल से पीड़ित क्षेत्रों के लिए राहत कार्यों को संगठित किया।

He developed famine relief measures to assist affected regions.

सीमा सुरक्षा (Frontier Defense) उत्तर-पश्चिम सीमांत पर सैनिक व्यवस्था को मजबूत किया।

Strengthened the military arrangements along the north-west frontier.

शिक्षा में सुधार (Improvements in Education)

भारत में शिक्षा के प्रचार के लिए कई संस्थानों को प्रोत्साहित किया। Promoted education and supported expansion of schools and colleges.

 

Lord Mayo (लॉर्ड मेयो)- कार्यकाल (Tenure): 1869 – 1872

भारत के चौथे वायसराय (Fourth Viceroy of India)

प्रमुख तथ्य (Key Points):

Statistical Survey of India की स्थापना

1870 में लॉर्ड मेयो ने एक संगठित और वैज्ञानिक तरीके से भारत के संसाधनों, जनसंख्या, कृषि, व्यापार, आदि की जानकारी जुटाने के लिए सांख्यिकी सर्वेक्षण विभाग (Statistical Survey Department) की शुरुआत की।

पहली व्यवस्थित जनगणना की तैयारी- यह Lord Mayo की पहल पर ही हुआ कि भारत में पहली बार पूरे देश की जनसंख्या का एक व्यवस्थित और योजनाबद्ध जनगणना सर्वेक्षण की योजना बनी।

Sir William W. Hunter की नियुक्ति - लॉर्ड मेयो ने सर विलियम विल्सन हंटर (William W. Hunter) को भारत का पहला प्रमुख सांख्यिकी अधिकारी (Statistician) नियुक्त किया। हंटर ने भारत के जिलों की सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक जानकारी संकलित की जिसे बाद में "Imperial Gazetteer of India" में प्रकाशित किया गया।

भारत का गैज़ेटियर (Imperial Gazetteer)- देशभर की ज़िलावार जानकारियों को संग्रहित कर एक राष्ट्रीय दस्तावेज़ तैयार किया गया — जिसे हम "भारत का गैज़ेटियर" कहते हैं।

 

Lord Lytton (लॉर्ड लिटन)- कार्यकाल (Tenure): 1876 – 1880

भारत के पाँचवें वायसराय (Fifth Viceroy of India)

प्रमुख कार्य (Major Contributions):

Delhi Durbar (दिल्ली दरबार) — 1877

1877 में एक भव्य दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें रानी विक्टोरिया को भारत की "सम्राज्ञी" (Empress of India) घोषित किया गया।

Queen Victoria was proclaimed as the "Empress of India" in a grand Delhi Durbar.

Vernacular Press Act — 1878

स्थानीय भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया गया।

The act curbed the freedom of the Indian-language press. It was seen as a direct attack on freedom of expression.

Arms Act — 1878

भारतीयों को बिना लाइसेंस हथियार रखने पर प्रतिबंध लगाया गया।

Disallowed Indians from possessing arms without license; racial discrimination in implementation.

महान अकाल (The Great Famine) — 1876–78

इस दौरान भयंकर अकाल पड़ा, जिसमें लाखों लोग मारे गए।

A terrible famine occurred during his rule; his government was criticized for its ineffective relief policies.

 

Second Anglo-Afghan War — 1878–80

अफगानिस्तान पर नियंत्रण के लिए दूसरा युद्ध लड़ा गया।

Started the Second Anglo-Afghan War to secure British influence in the region.

भारतीय साहित्य सम्मेलन (Poet Conference)

प्रसिद्ध कवि सम्मेलन का आयोजन 1877 में किया गया, जिसमें दार्शनिकों और लेखकों को आमंत्रित किया गया।

A cultural event to showcase British-Indian unity, though politically motivated.

Lord Ripon (लॉर्ड रिपन)

कार्यकाल (Tenure): 1880 – 1884

भारत के छठे वायसराय (Sixth Viceroy of India)

उन्हें "भारतीयों का सच्चा मित्र" (True Friend of Indians) कहा जाता है।

प्रमुख कार्य (Major Contributions):

Local Self-Government (स्थानीय स्वशासन) — 1882

उन्होंने नगरपालिकाओं और जिला परिषदों को भारतीयों की भागीदारी के साथ मजबूत किया।

Introduced democratic reforms in local bodies (municipalities), increasing Indian participation in administration.

उन्हें “स्थानीय स्वशासन का जनक” (Father of Local Self-Government in India) कहा जाता है।

Ilbert Bill Controversy — 1883

इस विधेयक ने भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय नागरिकों पर न्याय करने का अधिकार देने का प्रस्ताव रखा।

Proposed that Indian judges could try European offenders in criminal cases.

अंग्रेजों ने तीव्र विरोध किया, और बाद में बिल में संशोधन करना पड़ा।

Though liberal, it was diluted due to racist opposition from British community.

Education Reforms

Hunter Commission (1882) की स्थापना की गई — जिसका उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की समीक्षा करना था।

Appointed Hunter Commission to evaluate and improve primary and secondary education.

Press Freedom

लॉर्ड लिटन के बनाए गए कठोर Vernacular Press Act (1878) को समाप्त किया।

Repealed the Vernacular Press Act, restoring press freedom to Indian-language newspapers.

कृषि संबंधी सुधार

कृषकों की समस्याओं को जानने के लिए विशेष समितियाँ गठित की गईं।

Focused on improving conditions for Indian farmers and land revenue reforms.