महाराष्ट्र राज्य ने 2025 में सार्वजनिक गणेशोत्सव को आधिकारिक तौर पर राज्य उत्सव घोषित किया है
महाराष्ट्र राज्य ने
Ganesh Utsav की शुरुआत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने की थी।
साल: 1893
· स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
· उद्देश्य: उस समय भारत में ब्रिटिश शासन था, और लोगों को एकजुट होकर स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरित करना मुश्किल था क्योंकि सार्वजनिक सभा पर पाबंदियाँ थीं।
· लोकमान्य तिलक ने गणेश उत्सव को एक सार्वजनिक त्योहार (Public Festival) का रूप देकर लोगों को एकजुट करने का कार्य किया
· क्यों चुना गया गणेश उत्सव?
· गणपति बप्पा को "विघ्नहर्ता" (विघ्न दूर करने वाले) और "सर्वप्रथम पूज्य" माना जाता है।
· यह त्योहार पहले से ही घरों में पारंपरिक रूप से मनाया जाता था, लेकिन तिलक ने इसे सार्वजनिक और सामाजिक आंदोलन का रूप दिया। तब से यह उत्सव महाराष्ट्र समेत पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।